हरियाणा में एचआर 88 बी 8888 नम्बर की एक करोड़ 17 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाने के बाद पैसे जमा नहीं कराने को लेकर सरकार सख्त हो गई है और ऐक्शन लेने की तैयारी में है। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने आज कहा कि राज्य में हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी में एक व्यक्ति ने सबसे अधिक बोली लगाकर 1 करोड़ 17 लाख रुपये का ऑफर दिया था। लेकिन उसने विभाग में पैसे जमा नहीं करवाये। उसने सिर्फ अपनी सिक्योरिटी राशि ही जमा करवाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुसार बोली लगाने वालों को 5 दिनों में शुल्क जमा कराना होता है। उसकी संपत्ति और आय की जांच के आदेश दिए हैं। विज ने कहा कि बोली लगाना शौक नहीं, जिम्मेदारी है और सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करवा देना गंभीर मामला है। मामले में आयकर विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
1 करोड़ 17 लाख रुपए की बोली लगाने की क्षमता है भी या नहीं
परिवहन मंत्री ने कहा कि उन्होंने परिवहन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिस व्यक्ति ने यह बोली लगाई, उसकी संपत्ति और आय की पूरी जांच करवाई जाए। यह देखा जाए कि वास्तव में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता 1 करोड़ 17 लाख रुपए की बोली लगाने की है भी या नहीं। इस संबंध में आयकर विभाग को भी पत्र भेजकर विस्तृत जांच के लिए कहा जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी या बिना आर्थिक क्षमता के बोली न लगा सके। राज्य में फैंसी और वीवीआईपी वाहन नंबर नीलामी प्रणाली से आवंटित किए जाते हैं। कई लोग बड़ी-बड़ी बोलियां लगाकर इन नंबरों को खरीदने की कोशिश करते हैं। यह न केवल प्रतिष्ठा का विषय होता है, बल्कि सरकार की राजस्व वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।


