नई दिल्ली। आज (1 जुलाई 2026, बुधवार) से देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं और आम नागरिकों पर पड़ेगा। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय सीमा से लेकर आधार अपडेट, एलपीजी कीमतों और अन्य बैंकिंग नियमों तक कई अहम बदलाव प्रभावी हो गए हैं।
1. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 जुलाई से एलपीजी के दामों में बदलाव संभव है।
गौरतलब है कि 1 जून 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली थी।
2. ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख
वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
यदि निर्धारित समय सीमा तक रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो करदाता को जुर्माना देना पड़ सकता है। साथ ही, देरी से रिटर्न भरने पर कुछ टैक्स व्यवस्थाओं का लाभ नहीं मिल सकता और वित्तीय नुकसान (Loss) को अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने में भी दिक्कत आ सकती है।
3. आधार में ईमेल अपडेट अब मुफ्त
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है।
1 जुलाई 2026 से आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से रजिस्टर्ड ईमेल आईडी अपडेट करने की सुविधा पूरी तरह मुफ्त कर दी गई है। पहले इसके लिए 75 रुपये शुल्क देना पड़ता था। यह छूट 31 दिसंबर 2026 तक, यानी छह महीने के लिए लागू रहेगी।
इन बदलावों के अलावा बैंकिंग सेवाओं, क्रेडिट कार्ड नियमों और अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं में भी कुछ संशोधन लागू हुए हैं। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं और करदाताओं के लिए नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।
क्या अब नया पासपोर्ट बनवाना आपकी जेब पर भारी पड़ेगा?
जी हां, विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई, 2026 से सामान्य और तत्काल, दोनों तरह के पासपोर्ट के लिए सर्विस फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इसका मतलब है कि अब भारत या विदेश में पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा महंगी हो जाएगी।
गलत वित्तीय उत्पाद बेचने वाले बैंकों पर आरबीआई का नया नियम क्या है?
ग्राहकों को गलत जानकारी देकर या गुमराह करके वित्तीय उत्पाद बेचने वाले बैंकों पर अब रिजर्व बैंक ने सख्ती कर दी है। 1 जुलाई, 2026 से लागू हो रहे आरबीआई के नए नियमों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से कोई प्रोडक्ट बेचा जाता है, तो वह पूरी तरह से रिफंड और नुकसान के मुआवजे का हकदार होगा।
यह सभी बदलाव इस बात का संकेत हैं कि नियामक एजेंसियां और बैंक अब पारदर्शिता व अनुपालन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। समय रहते अपना आईटीआर दाखिल करना और क्रेडिट कार्ड के खर्चों को प्लान करना आपको भविष्य के किसी भी वित्तीय नुकसान या जुर्माने से सुरक्षित रख सकता है।


